जूता नम्बर 8- जनरैल सिंह अंदर की बात
जूता नम्बर 8- जनरैल सिंह अंदर की बात दिन 7 अप्रैल 09 करीव सवा बारह बजे थे। गृहमंत्री की प्रेस कॉन्फेंस चल रही थी कि अचानक एक पत्रकार बोला देखो पी.चिदंबरम पर किसी ने कुछ फेंका । सब ने कहा मज़ाक कर रहे हो फिर सब ने ध्यान से देखा, प्रेस कॉन्फ्रेंस रूकी तो राज़ सब के सामने खुला .. सामने आया 8 नम्बर का जूता- और पहने वाला था जनरैल सिंह । जनरैल सिंह को पत्रकार ज्यादातर जानते थे और अखबार दैनिक जागरण से भी परिचित थे। अब बातों से बात निकली पहले तो ब्रेकिंग न्यूज़ में सब व्यस्त रहे सब ने कहा जनरैल सिंह... काग्रेस की.. प्रेस में, वो भी पी चिदबरम की...अब तो ये लम्बा गये..पर कुछ ही देर में जनरैल रिहा हो गये..और पकडे जाने के बाद यानि पुलिस स्टेशन जाने से पहले वो एक टीवी चैनल को फोनो भी दे देते हैं । जिसमें वो सफाई देते हैं उनका तरीका ग़लत हो सकता है पर मुद्दा सही था ।उनके छूटते ही न्यूज़ खत्म हो चुकी थी और अंदर की बात खुलनी शुरू हुई सब से पहले जनरैल सिंह तो कांग्रेस कवर ही नही करते ...फिर वहा क्यो गये वो डिफेंस देखते हैं । दूसरा एनआई के दो कैमरा वहां क्यो मौजूद थे केवल एनआई का कैमरा उनका क्ल...