ललित मोदी होगें फरार..
ललित मोदी होगें फरार.. मीडिया के शुरूआती दौर में जब पेज थ्री की पार्टी में जाना होता तो कहीं नहीं लगता था कि मेरा भारत गरीब है ..यहा लोग नंगे और खाली पेट सोते हैं... सब झूठ लगता था ... साथी पत्रकार कहते थे सब दो नंबर का पैसा जो रोशनी दिख रही है वो अंधेरे से ही आ रही है ... कहीं न कहीं इन में से हर कोई किसी ग़लत काम किसी गैर कानूनी धंधे और किसी गहरे राज़ में कैद है ..एक दिन हर किसी का पर्दा हटेगा और हम पायेंगें कि ये सब नंगे तो हैं साथ ही शरीर में कितने दाग और कितनी बीमारी लिए हुए हैं... ललित मोदी ने जो आईपीएल की दुकान खोली तो उसका रास्ता ऐसा बनाया कि आम आदमी अपने पैरों से उस पर नहीं चल कर जा सकता ..इस दुकान पर पहुचने और माल खरीदने के लिए आपके पास करोड़ों का अंबार होना चाहिए ये करोड़ो रूपए आप के पास किस तरह और कहां से आए ये कोई नहीं पुछेगा क्योंकि कोठे पर आने वाले ग्राहक से उसकी कमाई का स्त्रोत नहीं जाना जाता .. और अगर कोई जानता भी है तो कहने की हिम्मत कोई नहीं करता ,, यही आईपीएल है और इस कोठे के हेड हैं ललित मोदी ..तो जिनको माल चाहिए उन्हे मोदी को सलाम करना ही होगा ... लेकिन किस्मत क...