सलाम
शहीदों के नाम पसीना मौत के माथे पे आया आईना लाओ हम अपनी ज़िन्दगी की आखरी तस्वीर देखेगें।। क्या जाने खयाल आ गया किस बात का हमको रोके से जो रूकती नहीं अशकों की रवानी ।। दमे आखिर भी उनका ये अहतराम हुआ । उठे न हाथ तो आंखों ही से सलाम हुआ ।। फरेब खाते रहे एतबार करते रहे खिज़ा भी आई तो ज़िक्र बहार करते रहे ।। बहार में भी तलाशे बहार करते रहे । तमाम उम्र तेरा इंन्तज़ार करते रहे।। ..... सलाम ... आपको हमारा ...